Thursday, 5 September 2019

चाँद

तुम्हें दिखें कहीं तो,
तुम्हारे चाँद जैसा इक दिलरुबा चाँद चाहिए___
या फरवर दिगार !
उसे जरुर भेजना आज रात,
मुझे उसकी बाँहों में सुकून चाहिए___

गुजर जाए रात के कईं ऐसे लम्हें,
मुझे समेटा हुआ गुलदस्ता नहीं चाहिए___
महक जाऊँ इक कयामाती खुशबू संग,
मुझे ऐसा खुला उसका बदन चाहिए___

अलग अंदाज हो, या ढंग कोई निराला,
दिल से चाहूँ ऐसी तड़पन चाहिए___
या खुदाया !
मुझे तेरे चाँद जैसा,
_____इक कातिल चाँद चाहिए !

कटार-सा चले,
ऐसा इक वार चाहिए____
लोग देखें भी तो, जले उसपर,
ऐसा चीरता कलेजा चाहिए____

तौबा करें और शरमाएँ भी कुडियाँ,
ऐसा कलेजे पे लोटता साँप चाहिए___
या रहमतबक्ष !
मुझे तेरे चाँद जैसा,
______इक चाँद चाहिए !

#Shilpa____

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