तुमने कहा था मुझसे,
बहुत जला हूँ, तभी तो शायर बना हूँ जान !
मुझे फिक्र होती है तुम्हारी___
कितना मलाल अंदर जमाए रखते हो ?
जिंदगी से कोई गिले-शिकवे नहीं___
ताज्जुब है___!
शायरों में ये हुनर कहाँ से आता है जी ?
खुद को पराया बनाकर,
गैरों को अपनाना____!
सुनो ! थक नहीं जाते तुम ?
अपनी ही दहलीज़ पर यूँ ठोकर खाते-खाते__
बस करो ना खुद को आजमाना___!
मैं हूँ ना____!
अपने दिल को मेरी गोद में रखो शायर !
मैं तुम्हारी____मेरी रूह भी तुम्हारी !
होंठों की आग से तुम्हारे दिल को छूनेवाला शोला हूँ मैं____!
देखो !
पिघलते मोम की तरह बह जाओगे !
यकीन मानो _____!
सारे रंजोगम मुझे दे जाओगे !
#Shilpa____