उस कागज़ पर थोडा तो तरस खाओ,
घुमा लो ना अपनी नजरों को तुम,
बंद करो लिखना अब,
सहमता है वो तीर-ए-नजर से..!
मुझे लिखने की जिद करते हो,
पता नहीं कितनों को तड़पाते हो...
अच्छा लगता है क्या ?
हम दोनों का इश्क,
यूँ कागज़ पर उतारना ।
बेशरमी की हद हो तुम...!
बेचारा शरम से चूर-चूर हो गया अब
बस भी करो ना,
मुझे चूम-चूम कर लिखना अब...!
#Shilpa
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