Monday, 18 March 2019

कड़वा सच

सुनो तो...!
मुझे ना ये इत्तर की खुशबू पसंद नहीं।
ये सिर्फ एहसास जवाँ करता है,
तुम्हारा मुझमें होना नहीं______

मेरा जिंदा होना तुमसे है___सुना तुमने !
तुम्हें जब लिखते देखती हूँ ना तब जी उठती हूँ बार-बार तुम्हारी हर अदा में_______!

मन करता है,
पीछे से कस कर पकड़ लूँ तुम्हें।
नहीं छोड़ना चाहती तुम्हारा साथ इक पलभर भी__________!

हाँ ! पर खूब लगते हो जब एक हाथ में कलम और दूसरे में तुम्हारी पसंदीदा सिगरेट एक साथ जल उठते है न_______तब !

तुम नहीं समझोगे, क्या गुजरता है अंदर ? कयामत____दिल बगावत कर बैठता है !

तुम्हारा कश....
वो कड़वा धुँआ....उफ्फ !
जैसे जलकर महक जाती हूँ तुम्हारे साथ_________उम्रभर के लिए !

जाना !
ये मेरी जिंदगी का कड़वा सच है
_________जान लिया ना !

बस अब तुम्हारा हर पन्ना मेरा हुआ....क्यूँ जी !

#Shilpa_____

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