सुनो तो...!
मुझे ना ये इत्तर की खुशबू पसंद नहीं।
ये सिर्फ एहसास जवाँ करता है,
तुम्हारा मुझमें होना नहीं______
मेरा जिंदा होना तुमसे है___सुना तुमने !
तुम्हें जब लिखते देखती हूँ ना तब जी उठती हूँ बार-बार तुम्हारी हर अदा में_______!
मन करता है,
पीछे से कस कर पकड़ लूँ तुम्हें।
नहीं छोड़ना चाहती तुम्हारा साथ इक पलभर भी__________!
हाँ ! पर खूब लगते हो जब एक हाथ में कलम और दूसरे में तुम्हारी पसंदीदा सिगरेट एक साथ जल उठते है न_______तब !
तुम नहीं समझोगे, क्या गुजरता है अंदर ? कयामत____दिल बगावत कर बैठता है !
तुम्हारा कश....
वो कड़वा धुँआ....उफ्फ !
जैसे जलकर महक जाती हूँ तुम्हारे साथ_________उम्रभर के लिए !
जाना !
ये मेरी जिंदगी का कड़वा सच है
_________जान लिया ना !
बस अब तुम्हारा हर पन्ना मेरा हुआ....क्यूँ जी !
#Shilpa_____
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