मसला ये हुआ
कि तू मेरा न हुआ...!
सरका दो ये रजाई अब,
कमबख़्त परेशाँ करती है...
लिपटके तुम को हमेशा,
ये मुझे ताना मारती है...
कहती है....
'देख ! चुरा लिया ना !
मैंने तुमसे तुम्हारा ही...वो ! 😜
बाज आओ तुम भी अब,
कहे देती हूँ बस !
वरना लपेट के उसको पूरा,
कहीं छोड़ आऊँगी अब...
सौतन होगी पिछले जनम की मेरी,
जो इस जनम छिनेगी मुझसे सब...
किस तरह गुजारुँ ये ठंड,
जब साथ होकर भी तुम,
मेरे न हुए अब...
पता है क्या कहर होगा अब ?
पूरा दिसंबर ये तुमसे लिपटी,
सारा जनवरी फिर तुमसे लिपटेगी,
सोचा, फरवरी तो मुझसे लिपटोगे,
पर कमिनी...😜
सारी हद पार कर देगी अब !
😜😜😜
समझे बुद्धू !
मसला ये हुआ
कि तू मेरा न हुआ अब !
#Shilpa....
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