मुझे होली पसंद है !
बडे़ प्यारे लगते हैं ये रंगीन रंग !
रंगों को रंगीन कहा तो हँस गए शायर___!
तुम जैसा कातिल लिख नहीं सकती ना___!
क्या करुँ ?
एक बात कहूँ जी ?___
देखो हँसना नहीं फिर से ____
मुझे ना तुम्हारा रंग पसंद है___काला !
बिल्कुल अपना लगता है__हक से !
जँचता है जी मुझपर____!
मुहल्लेवाली कहती है___
रातभर मियाँ ने कितने रंगों में डुबोया है तुम्हें____
हया से मर जाती हूँ जी मैं !
अब इन्हें कौन बताए ?
कि मुझे तुम्हारे काले रंग में डूबना आता है_____
इतने सालों जो साथ रही हूँ इस काले के 😉
कमिनियों ने फँसा दिया मुझे !
बताओ मेरे काले है कोई जवाब ?
बुरा ना मानना जी होली है !
;-) ;-) :-D
Happy Holi !
#Shilpa___
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