Wednesday, 24 July 2019

तुम और चाय

सामने चाय रखी है___!
तह जमी है जी उस पर____!
बिल्कुल तुमसे मेल खाती__काली साँवली !
उसे देख,
तुम्हारा रातवाला रंग याद आता है मुझे___

हाएss ! सुरररर्र के पीने का दिल करता है !

जैसे हर रात,
मैं तुम्हें पीती आई हूँ ना !
ठीक वैसी एक चाय की चुस्की___!

वल्लाह !
तबियत बना देती है ये रात मेरी !

;-) ;-)

#Shilpa___

No comments:

Post a Comment