दुनिया भड़काए तुम्हें,
और तुम भड़क जाओ मुझ पर___!
ये कहाँ का इन्साफ़ है जी !
कल की ही बात देखो____!
प्यार से बोल रही थी ना मैं___
पर तुम खौल उठे___!
कह दिया तुरंत____फ़जीता मत करो !
कर लो बात !
गर तुम्हारे मुँह लगती ना,
तो अफ़साना कुछ और बनता____!
बेसूर बांसुरी को,
एक सुरीला सूर मिलता___!
समझे के नहीं ? ;-) ;-)
#Shilpa___
No comments:
Post a Comment