Wednesday, 24 July 2019

फजीता

दुनिया भड़काए तुम्हें,
और तुम भड़क जाओ मुझ पर___!
ये कहाँ का इन्साफ़ है जी !
कल की ही बात देखो____!
प्यार से बोल रही थी ना मैं___
पर तुम खौल उठे___!
कह दिया तुरंत____फ़जीता मत करो !

कर लो बात !
गर तुम्हारे मुँह लगती ना,
तो अफ़साना कुछ और बनता____!

बेसूर बांसुरी को,
एक सुरीला सूर मिलता___!

समझे के नहीं ? ;-) ;-)

#Shilpa___

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